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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद पर ईशनिंदा का आरोप लगा है। मुस्लिम समाज के कुछ नुमांइदों ने एक लिखित बयान में केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद पर ईशनिंदा का आरोप लगाया है। इसे दो मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी अपना समर्थन दिया है। खुर्शीद ने कहा था कि सच्चर समिति की सिफारिशें कुरान नहीं है जिस पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया जा सकता है और उसके एक-एक शब्द को लागू करना जरूरी नहीं है। इस बयान के चलते वक्फ सुधार के मुद्दे पर खुर्शीद से अलग राय रखने वाला मुस्लिम समाज का एक धड़ा नाराज हो गया है। हालांकि, बाद में खुर्शीद पर लगे आरोप वापस ले लिए। दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद मुफ्ती मुक्कर्रम ने कहा जिस बयान पर मुस्लिम समाज ने दस्तखत किए हैं वह कोई फतवा नहीं है और न ही खुर्शीद ने कोई मजहबी तौर पर कोई गलती की है। उन्होंने कहा कि खुर्शीद मुसलमानों के एक सम्मानित नेता हैं, लेकिन उनके लिए यह सही नहीं था कि वे वक्फ जैसे धुर राजीतिक मुद्दे पर कुरान का नाम लें। 2005 में सामने आई सच्चर समिति की रिपोर्ट में देश भर के मुसलमानों की स्थिति का जायजा लिया गया था। रिपोर्ट में मुस्लिमों के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिए कई उपाय भी सुझाए गए थे। सरकार ने समिति की कई सिफारिशें मानते हुए उन्हें लागू भी किया है। लेकिन सलमान खुर्शीद का मानना है कि कोई भी इन सिफारिशों पर सवाल उठा सकता है और इसकी बजाय कोई रास्ता अख्तियार कर सकता है।